बेंगलुरु में मानसून पूरी तरह बेअसर, जुलाई बन सकता है अब तक का सबसे सूखा महीना
मुख्य मौसम बिंदु
- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 27% बारिश की कमी दर्ज हुई है।
- दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 28% और तटीय कर्नाटक में 36% वर्षा घाटा है।
- बेंगलुरु में जुलाई में अब तक केवल 0.2 मिमी बारिश हुई है।
- अगले 10 दिनों में केवल हल्की फुहारों की संभावना, अच्छी बारिश के आसार नहीं है।
- पूर्वानुमान वैधता: 17 जुलाई से 27 जुलाई 2026।
इस बार दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून उम्मीद के मुताबिक सक्रिय नहीं रहा है। 1 जून से 16 जुलाई 2026 के बीच पूरे दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में 27% बारिश की कमी दर्ज की गई है। कर्नाटक के तीनों मौसम उपखंडों में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। सबसे अधिक बारिश वाले तटीय कर्नाटक (Coastal Karnataka) में 36% वर्षा घाटा है, जबकि दक्षिण आंतरिक कर्नाटक (South Interior Karnataka), जहां बेंगलुरु स्थित है, वहां 28% बारिश की कमी दर्ज की गई है।

बेंगलुरु शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जुलाई महीने के दौरान लगभग सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। एचएएल (HAL) वेधशाला में इस महीने अब तक केवल बारिश की ट्रेस (नाममात्र) मात्रा दर्ज हुई है, जबकि सिटी वेधशाला में सिर्फ 0.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। हालांकि जुलाई के पहले आधे हिस्से में बेंगलुरु में सामान्य तौर पर बहुत अधिक बारिश नहीं होती और पूरे जुलाई महीने का औसत 116.4 मिमी है। इसके बावजूद पिछले दो वर्षों में भी जुलाई में बारिश सामान्य से काफी कम रही थी। जुलाई 2024 में 67 मिमी और जुलाई 2025 में 68 मिमी बारिश दर्ज हुई थी, लेकिन इस बार स्थिति और भी खराब है।
अगले 10 दिन भी राहत नहीं, किसानों की चिंता बढ़ सकती है
मौसम की मौजूदा परिस्थितियां बेंगलुरु और आसपास के क्षेत्रों के लिए राहत देने वाली नहीं दिख रही हैं। केरल और कर्नाटक तट के साथ बनने वाली ऑफ-शोर ट्रफ (Offshore Trough) फिलहाल लगभग निष्क्रिय बनी हुई है। वहीं अरब सागर से आने वाली मानसूनी पश्चिमी हवाएं (Monsoon Westerlies) भी काफी कमजोर हैं, जिसके कारण अच्छी बारिश के लिए जरूरी नमी और अनुकूल परिस्थितियां नहीं बन पा रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले 10 दिनों में बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में केवल एक या दो दिन हल्की बारिश या फुहारें पड़ सकती हैं, वह भी अगले सप्ताह के आखिर में। व्यापक और अच्छी बारिश की संभावना फिलहाल नहीं है। यदि यही स्थिति बनी रही तो बारिश का घाटा और बढ़ सकता है, जिससे खासकर किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
जुलाई 2026 बन सकता है सबसे सूखा महीना, अगस्त-सितंबर से उम्मीद
बारिश की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जुलाई 2026 बेंगलुरु के लिए हाल के वर्षों का सबसे सूखा जुलाई महीना बन सकता है। अब तक केवल 0.2 मिमी बारिश दर्ज होना इस बात का संकेत है कि इस बार मानसून का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। हालांकि मौसम विज्ञान के सामान्य आंकड़ों के अनुसार बेंगलुरु में अगस्त और सितंबर मानसून के सबसे अधिक बारिश वाले महीने होते हैं। इन दोनों महीनों में शहर को पूरे मानसून सीजन की 60% से अधिक बारिश मिलती है। इसलिए उम्मीद है कि मानसून के दूसरे चरण में बारिश बढ़ सकती है और कुछ हद तक वर्षा घाटे की भरपाई हो सकती है।
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