Urban Heat Island Effect: शहरों का तापमान क्यों बढ़ रहा है? CSE रिपोर्ट में सामने आए अहम कारण

By: Mohini Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 19, 2026, 10:30 AM
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क्यों बढ़ रही है शहरों की गर्मी?

मुख्य मौसम बिंदु

  • कंक्रीट और कांच की इमारतें दिनभर गर्मी सोखकर रात में छोड़ती हैं।
  • अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट के कारण शहर आसपास के क्षेत्रों से अधिक गर्म।
  • हरियाली और खुले स्थानों की कमी से प्राकृतिक ठंडक घट रही है।
  • कूल रूफ, वर्षा जल संचयन और शहरी वन गर्मी कम करने में मददगार हो सकते हैं।

देश के कई बड़े शहरों में बढ़ती गर्मी के पीछे केवल मौसम ही नहीं, बल्कि तेजी से बदलता शहरी ढांचा भी एक महत्वपूर्ण कारण माना जा रहा है। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) की हालिया रिपोर्ट "मेकिंग दिल्ली हीट रेजिलिएंट" के अनुसार, कंक्रीट और कांच से बनी इमारतों का बढ़ता विस्तार शहरों में गर्मी को बढ़ा रहा है।

अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव से बढ़ रही गर्मी

रिपोर्ट के मुताबिक, कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्री दिन के समय सूर्य की गर्मी को अपने भीतर सोख लेती हैं और रात में धीरे-धीरे उसे छोड़ती रहती हैं। इससे शहरों में रात का तापमान अधिक बना रह सकता है। इस स्थिति को "अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट" कहा जाता है, जिसमें घनी आबादी वाले और अधिक निर्माण वाले क्षेत्रों का तापमान आसपास के इलाकों से ज्यादा दर्ज होता है।

हरियाली और जल स्रोतों की कमी बनी चिंता

सीएसई की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली का लगभग एक-तिहाई हिस्सा इस प्रभाव से प्रभावित है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन क्षेत्रों में हरियाली कम और कंक्रीट का विस्तार अधिक है, वहां गर्मी का असर ज्यादा महसूस किया जाता है। इसके अलावा वाहनों, उद्योगों और एयर कंडीशनर से निकलने वाली अतिरिक्त ऊष्मा भी स्थानीय तापमान को प्रभावित करती है। रिपोर्ट यह भी बताती है कि शहरों में पेड़ों और खुले स्थानों की कमी से प्राकृतिक वेंटिलेशन प्रभावित होता है। वहीं, सीमेंटेड सतहों के बढ़ने से वर्षा का पानी जमीन में कम समा पाता है, जिससे भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया भी प्रभावित होती है। कुछ कांच की इमारतें सूर्य की किरणों को परावर्तित कर आसपास के क्षेत्रों में ज्यादा गर्मी पैदा कर सकती हैं।

सीएसई ने अपनी रिपोर्ट में तालाबों, बावड़ियों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के महत्व पर भी जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ये जल निकाय केवल पानी संग्रह करने का काम नहीं करते थे, बल्कि स्थानीय स्तर पर तापमान को संतुलित रखने में भी मदद करते थे। हालांकि, शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों के कारण इनमें से कई जल स्रोतों की स्थिति कमजोर हुई है।

गर्मी से राहत के लिए दीर्घकालिक उपाय जरूरी

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गर्मी से निपटने के लिए केवल एयर कंडीशनर पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बजाय शहरों की योजना बनाते समय हरित क्षेत्रों का विस्तार, कूल रूफ, बेहतर वेंटिलेशन, वर्षा जल संचयन और शहरी वनों जैसे उपायों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। साथ ही, हीट एक्शन प्लान को उन इलाकों और समुदायों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है जो बढ़ते तापमान से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु के अनुकूल शहरी विकास और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के जरिए शहरों को गर्मी के असर से बेहतर ढंग से सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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Mohini Sharma
Content Writer
Mohini Sharma is a Content Writer at Skymet Weather Services with nearly five years of experience in journalism. At Skymet, she brings clarity and creativity to weather communication, crafting engaging news stories and updates that simplify complex weather patterns and forecasts. With her precise and relatable writing style, she helps audiences stay informed and connected to the ever-changing world of weather.
FAQ

यह ऐसी स्थिति है जब कंक्रीट और निर्माण गतिविधियों के कारण शहरों का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक हो जाता है।

ये संरचनाएं सूरज की गर्मी को अवशोषित कर लंबे समय तक संचित रखती हैं और बाद में उसे वातावरण में छोड़ती रहती हैं।

हरियाली बढ़ाना, कूल रूफ अपनाना, वर्षा जल संचयन और जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन प्रभावी उपाय हैं।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है