विदर्भ बना देश का सबसे गर्म इलाका, 38°C के पार पहुंचा तापमान, जानें अन्य हिस्सों की स्थिति
मुख्य मौसम बिंदु
- विदर्भ देश का सबसे गर्म क्षेत्र बना हुआ है।
- अकोला में 38.5°C तापमान दर्ज किया गया।
- एंटी-साइक्लोन के कारण गर्म हवाएं चल रही हैं।
- अगले 10 दिनों में तापमान 40°C तक पहुंच सकता है।
देश के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में मौसमी गर्मी अब तेजी से बढ़ने लगी है। पिछले कई दिनों से तापमान 37°-38°C के पार बना हुआ है। सबसे ज्यादा गर्म क्षेत्र तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के अंदरूनी इलाके रहे। इससे पहले इरोड, मदुरै और अनंतपुर में 37°-38°C का उच्चतम तापमान दर्ज किया गया था। अब यह गर्मी का दायरा बढ़कर मध्य भारत तक फैल गया है। फिलहाल विदर्भ देश का सबसे गर्म इलाका बन गया है।
अकोला रहा सबसे गर्म शहर, कई जगह 38°C के पार
कल देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान अकोला में दर्ज किया गया। यहां पारा 38.5°C तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3°-4°C अधिक है। आसपास के क्षेत्रों में भी तापमान 38°C या उससे अधिक दर्ज हुआ। अमरावती में 38.2°C और वर्धा में 38°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। ब्रह्मपुरी और वाशिम में भी गर्मी चरम पर रही, जहां क्रमशः 37°C और 37.2°C तापमान दर्ज हुआ, जो इस सीजन का सबसे अधिक रहा। इससे पहले 1 मार्च 2026 को रायालसीमा के अनंतपुर में 38.4°C तापमान दर्ज किया गया था।
एंटी-साइक्लोन के कारण चल रहीं गर्म हवाएं, अभी हीटवेव नहीं
मध्य राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोन (उच्च दबाव क्षेत्र) के कारण विदर्भ, जो महाराष्ट्र का पूर्वी हिस्सा है, वहां गर्म हवाएं पहुंच रही हैं। इन तेज हवाओं के प्रभाव से अतिरिक्त गर्मी महसूस की जा रही है। हालांकि अभी इसे आधिकारिक रूप से हीटवेव (लू) की स्थिति नहीं कहा जा सकता। उत्तर भारत में आने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण यह एंटी-साइक्लोन खिसक सकता है। 7 मार्च से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मध्य भागों में हवाओं की गति कमजोर पड़ने की संभावना है।
40°C तक पहुंच सकता है तापमान, हीटवेव की शर्तें क्या हैं?
हवाओं के कमजोर होने से विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, रायालसीमा और तमिलनाडु के अंदरूनी हिस्सों में दिन का तापमान और बढ़ सकता है। अगले लगभग 10 दिनों में कुछ स्थानों पर पारा 40°C तक पहुंच सकता है। हालांकि यह हीटवेव की स्थिति से थोड़ा कम रह सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव घोषित करने के लिए तापमान का 40°C या उससे अधिक होना जरूरी है और सामान्य से कम से कम 4.5°C ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37°C और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30°C निर्धारित है।
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