मुंबई से कुछ दूर ठहरा मानसून, इस सप्ताह फिर टली मानसून की एंट्री, टूट सकता है देरी का रिकॉर्ड
मुख्य मौसम बिंदु
- मुंबई में मानसून की सामान्य तिथि 11 जून बीत चुकी है।
- बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में कोई मजबूत मौसम प्रणाली नहीं।
- अब तक सांताक्रूज में 13.1 मिमी और कोलाबा में केवल 5 मिमी बारिश।
- 2023 के सबसे विलंबित मानसून आगमन रिकॉर्ड टूट सकता है।
मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आने की सामान्य तिथि 11 जून मानी जाती है, लेकिन यह तारीख गुजर चुकी है और अब तक मानसून के पहुंचने के कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिख रहे हैं। मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक देने के बाद पश्चिमी तट के साथ अच्छी रफ्तार दिखाई थी। 8 जून को यह दक्षिण कोंकण के हरनाई तक पहुंच गया था, लेकिन इसके बाद इसकी प्रगति रुक गई। पिछले एक सप्ताह से पश्चिमी घाटों के साथ मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) में कोई आगे बढ़त नहीं हुई है। मौसम संकेत बताते हैं कि अगले कुछ दिनों तक भी मानसून की स्थिति लगभग स्थिर बनी रह सकती है।
बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से नहीं मिल रहा सहयोग
आमतौर पर बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसमी प्रणालियाँ पश्चिमी तट पर मानसून को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन फिलहाल खाड़ी में कोई प्रभावी मौसम प्रणाली बनने की संभावना नहीं है। दूसरी ओर अरब सागर भी लगभग निष्क्रिय बना हुआ है और वहां से भी मानसूनी धाराओं को आगे बढ़ाने वाला कोई मजबूत सिस्टम नहीं दिख रहा। कोंकण-गोवा तट के साथ निचले स्तरों पर उत्तर-उत्तर-पश्चिमी हवाएं चल रही हैं, जो मानसून के आगमन के लिए अनुकूल नहीं मानी जातीं। यही वजह है कि मुंबई और उसके उपनगरों में उमस भरा मौसम बना रहेगा और लोगों को मानसूनी राहत के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है।
जून बन सकता है दो दशक का सबसे शुष्क महीना
मुंबई के सांताक्रूज वेधशाला में जून महीने में अब तक केवल 13.1 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जबकि कोलाबा वेधशाला में यह आंकड़ा मात्र 5 मिमी है। इसके मुकाबले जून महीने की सामान्य वर्षा 526.3 मिमी होती है। अगर आने वाले दिनों में बारिश में बढ़ोतरी नहीं होती है, तो जून 2026 पिछले लगभग दो दशकों का सबसे सूखा जून साबित हो सकता है। इससे पहले जून 2014 में केवल 87.3 मिमी वर्षा दर्ज हुई थी, जो सबसे कम वर्षा वाले जून महीनों में शामिल है। जून 2014 और जून 2023 ऐसे दुर्लभ वर्ष रहे जब मानसून के मौसम में भी मुंबई में असामान्य गर्मी और हीटवेव जैसी परिस्थितियाँ बनी रही थी। इस बार भी पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
सबसे देरी से आने वाले मानसून का रिकॉर्ड भी टूट सकता है
इस सीजन मुंबई के सामने एक और चुनौती खड़ी होती दिख रही है। मुंबई में मानसून कें पहुँचने में इतना विलंबित हो सकता है कि यह शहर के इतिहास में सबसे देर से पहुँचने वाले मानसून का रिकॉर्ड भी तोड़ दे। फिलहाल सबसे देरी से मानसून पहुंचने का रिकॉर्ड वर्ष 2023 के नाम है, जब मानसून ने 25 जून को मुंबई में दस्तक दी थी। हालांकि अभी निश्चित रूप से कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए जल्दी मानसून के मुंबई पहुंचने की संभावना काफी कम नजर आ रही है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि मानसून 25 जून 2023 की तारीख की बराबरी कर सकता है या फिर उससे भी अधिक देर से मुंबई पहुँच सकता है।
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