Monsoon Update: मानसून ‘स्लीप मोड’ में! मुंबई से बिहार तक दोनों सिरों पर थमी रफ्तार, कब होगी वापसी?

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 17, 2026, 5:30 PM
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मौसम अपडेट, फोटो: AI Generated

मुख्य मौसम बिंदु

  • मानसून पिछले एक सप्ताह से लगभग स्थिर बना हुआ है।
  • मुंबई में मानसून की एंट्री में देरी और कम बारिश की आशंका।
  • देशभर में 01 से 16 जून के बीच 35% वर्षा घाटा दर्ज।
  • मध्य भारत में सबसे अधिक 61% बारिश की कमी।
  • पूर्वानुमान की वैधता: अगले 06 से 09 दिन।

दक्षिण-पश्चिम मानसून पिछले लगभग एक सप्ताह से बेहद सुस्त गति से आगे बढ़ रहा है। मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) का पश्चिमी सिरा 8 जून से कोंकण के हरनाई के आसपास ही रुका हुआ है और इसके बाद आगे नहीं बढ़ पाया है। वहीं पूर्वी सिरा भी 12 जून से बिहार के मुजफ्फरपुर के आसपास स्थिर बना हुआ है। अगले लगभग 5 दिनों तक मानसून के पश्चिमी और पूर्वी दोनों सिरों पर किसी विशेष प्रगति की संभावना नहीं है। इसके बाद भी मानसून की चाल धीमी रहने के आसार हैं और यह अपने दोनों सिरों पर धीरे-धीरे ही आगे बढ़ेगा। कुल मिलाकर मानसून फिलहाल "स्लीपी मोड" में नजर आ रहा है।

मुंबई में मानसून की एंट्री में देरी, जून में रिकॉर्ड कम बारिश की आशंका

मुंबई में मानसून के आगमन में देरी साफ दिखाई दे रही है। शहर के सांताक्रूज वेधशाला में पिछले दो सप्ताह के दौरान केवल नाममात्र की बारिश दर्ज हुई है। अब तक हुई वर्षा लगभग नगण्य रही है, जबकि जून महीने का सामान्य वर्षा आंकड़ा 526.3 मिमी है। मौजूदा हालात को देखते हुए जून महीने में मुंबई में सबसे कम बारिश का रिकॉर्ड बनने की आशंका बढ़ गई है। 24 या 25 जून के आसपास हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन यह मुंबई के सामान्य मानसूनी मानकों के अनुरूप नहीं होगी। इसके अलावा दक्षिणी तटीय गुजरात और सौराष्ट्र की ओर मानसून की आगे की प्रगति भी संदिग्ध बनी हुई है और इन क्षेत्रों में मानसून के पहुंचने में पर्याप्त देरी हो सकती है।

पूर्वी भारत में भी कमजोर मानसून, देश में 35% बारिश की कमी

पूर्वी भारत में मानसून की धारा बिहार और झारखंड के कुछ हिस्सों तक पहुंची है, लेकिन इसकी ताकत बेहद कमजोर बनी हुई है। अगले एक सप्ताह या उससे अधिक समय तक मानसून के मजबूत होने की संभावना नहीं दिख रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 20 जून है, लेकिन इसके तय समय से आगे निकल जाने की संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की प्रगति भी कमजोर और धीमी रहने के संकेत हैं। 1 जून से 16 जून 2026 के बीच पूरे देश में मानसूनी बारिश सामान्य से 35 प्रतिशत कम रही है और यह कमी आगे और बढ़ सकती है। सबसे अधिक 61 प्रतिशत वर्षा की कमी मध्य भारत में दर्ज की गई है। इसके बाद पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में 43 प्रतिशत की कमी है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत, जहां मानसून सबसे पहले पहुंचा था और कुछ दिनों तक सक्रिय भी रहा, वहां भी 14 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। केवल उत्तर-पश्चिम भारत में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

मानसून की उत्तरी सीमा के दोनों सिरे कई दिनों से स्थिर हैं, जिससे इसकी आगे बढ़ने की गति धीमी पड़ गई है।

24-25 जून के आसपास हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन सामान्य मानसूनी गतिविधियों के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।

मध्य भारत में सबसे अधिक 61 प्रतिशत वर्षा घाटा दर्ज किया गया है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है