उत्तर प्रदेश और बिहार में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर, बाढ़ और जलभराव का खतरा
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तर प्रदेश और बिहार में पिछले 48 घंटों से भारी बारिश जारी।
- वाराणसी, प्रयागराज, दरभंगा समेत कई क्षेत्रों में बाढ़ और नदी जलस्तर बढ़ा।
- यूपी में बारिश, मकान गिरने और आकाशीय बिजली से 10 से अधिक लोगों की मौत।
- बिहार में कोसी और कमला बलान नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 20 से अधिक गांव प्रभावित।
- पूर्वानुमान वैधता: यह मौसम पूर्वानुमान 26 जुलाई तक मान्य है।
पिछले 48 घंटों से उत्तर प्रदेश और बिहार में मानसून बेहद सक्रिय बना हुआ है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति, नदियों का जलस्तर बढ़ना और मौसम से जुड़ी दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे तक दोनों राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे बाढ़ और जलभराव का खतरा बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश में कई जिलों में हुई भारी बारिश
20 जुलाई को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। जिसमें शाहजहांपुर में 125 मिमी, लखीमपुर खीरी में 65 मिमी और बहराइच में 57 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। बारिश का सिलसिला 21 जुलाई को भी जारी रहा। वहीं,जिसमें अलीगढ़ में 70 मिमी, बहराइच में 56 मिमी, कानपुर में 41 मिमी, मेरठ में 31 मिमी, शाहजहांपुर में 34 मिमी, आजमगढ़ में 48 मिमी, प्रयागराज में 96 मिमी और लखनऊ में 19 मिमी बारिश दर्ज की गई।
पश्चिमी हिमालय की बारिश का असर उत्तर प्रदेश पर भी
पश्चिमी हिमालय में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। पहाड़ों से आने वाला अतिरिक्त पानी और लगातार सक्रिय मानसून के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। फिरोजाबाद और उन्नाव के सरकारी अस्पतालों में पानी भर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं। वहीं, शामली जिले में एक नहर का पुल टूट गया, जिससे उससे जुड़ी सड़क लगभग 10 फीट तक धंस गई। इससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।
पूर्वी उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज के कई घाट बाढ़ के पानी में डूब चुके हैं। वाराणसी का प्रसिद्ध रत्नेश्वर महादेव मंदिर पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके अलावा पंचगंगा घाट और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 40 छोटे मंदिर भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं।
बारिश और आकाशीय बिजली से कई लोगों की मौत
लगातार हो रही बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में उत्तर प्रदेश में 10 से अधिक लोगों की मौत होने की खबर है। मुजफ्फरनगर में मकान गिरने से एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गई। प्रयागराज में बिजली गिरने से 2 लोगों की जान चली गई। वहीं,बलिया और चंदौली में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई।
बिहार में भी सक्रिय है मानसून
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। जिसमें पिछले 24 घंटे के दौरान बसुआ में लगभग 60 मिमी और गया में 40 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। लगातार बारिश के कारण बिहार की कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। भारी बारिश के कारण बिहार में कोसी और कमला बलान नदियाँ कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सबसे ज्यादा असर दरभंगा जिले में देखने को मिल रहा है। कोसी बैराज से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के कारण दरभंगा के 20 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
अगले दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम मॉडल के अनुसार अगले 24 घंटे तक उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बिहार में 3 से 4 दिनों तक बारिश की तीव्रता कुछ कम हो सकती है। हालांकि, 26 जुलाई के आसपास एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत हैं। यह बारिश का नया दौर जुलाई के अंत तक जारी रह सकता है, जिससे बाढ़ और जलभराव का खतरा फिर बढ़ सकता है।
निचले इलाकों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। जलभराव वाली सड़कों को पार करने से बचें। तेज बारिश और आकाशीय बिजली के दौरान घर के अंदर ही रहें। प्रशासन द्वारा जारी मौसम और बाढ़ संबंधी चेतावनियों का पालन करें। नदी और नालों के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें।
यह भी पढ़ें: पश्चिमी हिमालय में मानसून बारिश का रौद्र रूप, जम्मू-कश्मीर-हिमाचल और उत्तराखंड में भूस्खलन-फ्लैश फ्लड का खतरा
यह भी पढ़ें: देशभर में फिर तेज हुआ मानसून, पिछले 4 दिनों की बारिश से कम हुआ वर्षा घाटा, अभी और बरसेंगे बादल






