[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 10 फरवरी, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
देश भर में मौसम प्रणाली:
पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है, जिसकी धुरी समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर 64° पूर्व देशांतर के साथ 21° उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। यह सिस्टम 9 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के पास पहुंचने की संभावना है।
एक चक्रवाती परिसंचरण पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों पर बना हुआ है।
दूसरा चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर स्थित है।
उप-उष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम, जिसकी मुख्य हवाओं की गति लगभग 140 नॉट है, समुद्र तल से 12.6 किमी की ऊंचाई पर पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, देशभर में मौसम शुष्क बना रहा।
पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
पॉडकास्ट वीडियो: Climate Change: उत्तर भारत से पूर्व भारत तक सर्दियों की बारिश गायब, बदलते मौसम से खेती पर खतरा।EP-68
अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी संभव है।
10 फरवरी को इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की तीव्रता बढ़ेगी तथा उत्तराखंड में भी कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी शुरू हो सकती है।
अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
10 फरवरी तक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में सुबह और रात के समय घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है।








