[Hindi] सम्पूर्ण भारत का 18 जून, 2026 का मौसम पूर्वानुमान
दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में अगले 4 से 5 दिनों के दौरान आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
मौसमी ट्रफ समुद्र तल पर पंजाब से हरियाणा और उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार तक फैली हुई है।
पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में ट्रफ के रूप में सक्रिय है, जिसकी धुरी समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर लगभग 72° पूर्व देशांतर और 32° उत्तर अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।
एक चक्रवाती परिसंचरण हरियाणा के ऊपर तथा दूसरा पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण से लेकर पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी विदर्भ और तेलंगाना होते हुए दक्षिण आंध्र प्रदेश तट तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ फैली हुई है।
एक चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है।
18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के करीब पहुंचने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे के दौरान, केरल और ओडिशा में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई।
पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, केरल, मध्य प्रदेश, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश हुई।
आंध्र प्रदेश, विदर्भ, गुजरात, कोंकण एवं गोवा, उत्तर प्रदेश तथा तटीय कर्नाटक में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई।
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अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि
अगले 24 घंटे के दौरान, केरल और पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।
अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, राजस्थान, दिल्ली, पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों, दक्षिण छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा तथा मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
गुजरात, विदर्भ, उत्तर प्रदेश तथा कोंकण एवं गोवा में हल्की बारिश संभव है।







