बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया बना, तमिलनाडु–केरल और श्रीलंका में बारिश के आसार, इन जिलों में अलर्ट
मुख्य मौसम बिंदु
- दक्षिण बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव सक्रिय
- श्रीलंका के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में ज्यादा बारिश
- तमिलनाडु और केरल में 21–23 फरवरी बेमौसम वर्षा
- 24 फरवरी से दक्षिण क्षेत्र में मौसम साफ होने के संकेत
भूमध्यरेखीय क्षेत्र (equatorial region) में बने लगातार चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) के प्रभाव से दक्षिण बंगाल की खाड़ी (BoB) के मध्य भागों और भूमध्यरेखीय क्षेत्र में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बन गया है। यह सिस्टम अगले 24 घंटों में पूर्व दिशा की ओर बढ़ेगा और इसके अधिक तीव्र होने की संभावना है। हालांकि, यह मौसम प्रणाली अक्षांश में काफी नीचे स्थित है, इसलिए इसके बहुत ज्यादा ताकतवर होने की संभावना कम है। फिर भी, इस सिस्टम के असर से द्वीपीय देश श्रीलंका में भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, इसका प्रभाव भारत के दक्षिणी हिस्सों तक फैल सकता है, जो तमिलनाडु और केरल के मौसम को प्रभावित करेगा।

श्रीलंका में कहां होगी ज्यादा बारिश, कहां रहेगा मौसम शांत
श्रीलंका के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में इस मौसम प्रणाली का सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा, जबकि द्वीप राष्ट्र का उत्तरी भाग गंभीर मौसम से काफी हद तक बचा रहेगा। पूर्वी तटीय इलाकों में मौसम गतिविधियाँ आज से ही शुरू हो जाएंगी और 19 फरवरी 2026 तक पश्चिमी तट तक फैल जाएंगी। तेज मौसम गतिविधियों से प्रभावित होने वाले प्रमुख इलाके गाले, कैंडी, हंबनटोटा, अंबालंटोटा, याला और पूर्वी तट के साथ बाटिकलोआ तक हो सकते हैं। कोलंबो में भी इस सिस्टम का बाहरी असर देखने को मिलेगा और मध्यम बारिश हो सकती है। श्रीलंका में यह मौसम गतिविधि 17 से 22 फरवरी 2026 के बीच जारी रहने की संभावना है।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाब क्षेत्र
तमिलनाडु–केरल में बेमौसम बारिश, 24 फरवरी से राहत
तमिलनाडु और केरल में 21 से 23 फरवरी 2026 के बीच बेमौसम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें देखने को मिल सकती हैं। 21 फरवरी को तमिलनाडु के तटीय इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका है। जो इलाके अधिक जोखिम में रहेंगे उनमें चेन्नई, पुडुचेरी, कड्डालोर, कराईकल, नागपट्टिनम, टोंडी, पंबन, तूतीकोरिन और कन्याकुमारी शामिल हैं। वहीं, केरल के तटीय और आंतरिक हिस्सों में भी इस दौरान मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। बारिश का दायरा तिरुवनंतपुरम से कोझिकोड तक फैलेगा, जिसमें अलप्पुझा, पुनालूर, कोवलम और कोच्चि शामिल हैं। 24 फरवरी 2026 से पूरे क्षेत्र में मौसम के साफ होने की संभावना है।







