उत्तरी मैदानी इलाकों में सिंगल डिजिट तापमान का दौर खत्म, अब आएंगे गर्म दिन, प्री-मानसून की सामान्य से पहले दस्तक
मुख्य मौसम बिंदु
- उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान डबल डिजिट में पहुंचा।
- राजस्थान और हरियाणा में रातें हुईं गर्म।
- एक सप्ताह तक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं।
- प्री-मानसून का आगमन सामान्य से पहले संभव।
देश में प्री-मानसून सीजन की ओर बदलाव के दौरान उत्तरी मैदानी इलाके सबसे आखिर में गर्म होते हैं। आमतौर पर मार्च की शुरुआत तक हल्की ठंड बनी रहती है और कई जगहों पर मध्य मार्च तक न्यूनतम तापमान एकल अंक (10°C से कम) में दर्ज होता है। लेकिन इस बार दिन और रात दोनों में गर्मी सामान्य से पहले दस्तक दे सकती है। कई स्थानों पर रात का तापमान पहले ही दहाई के आंकड़े (डबल डिजिट) में पहुंच चुका है।
राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में बढ़ा न्यूनतम तापमान
राजस्थान के पूरे राज्य में न्यूनतम तापमान अब दहाई के आंकड़े में आ चुका है। राज्य के पश्चिमी हिस्से में तो तापमान मिड और हाई टीन्स (15 से19°C से ऊपर) तक पहुंच गया है। हरियाणा के अधिकांश भाग, खासकर दक्षिणी क्षेत्र और राजस्थान से सटे इलाकों में न्यूनतम तापमान अब लो टीन्स (11–14°C) में है। पंजाब में अभी भी कुछ जगहों में तापमान दहाई (10 डिग्री के आस-पास) के करीब बना हुआ है। अमृतसर, फिरोजपुर और बठिंडा में न्यूनतम तापमान 9.5°C से 10.5°C के बीच है, लेकिन यहां भी जल्द बढ़ोतरी की संभावना है।
पहाड़ी तराई क्षेत्र सबसे अंत में बदलते हैं
पंजाब और हरियाणा के पहाड़ी तराई क्षेत्रों में आमतौर पर सबसे अंत में डबल डिजिट में तापमान पहुँचता है। पठानकोट, होशियारपुर, रोपड़, चंडीगढ़, पंचकूला और अंबाला जैसे स्थानों पर मार्च के अंत तक भी एकल अंक का तापमान दर्ज हो सकता है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद इन इलाकों में ठंडी हवाएं आती हैं, जिससे तापमान फिर से नीचे चला जाता है।
इस बार होली के आसपास बदलेगा मौसम
इस बार प्री-मॉनसून की ओर बदलाव सामान्य से पहले होने की संभावना है। अगले लगभग एक सप्ताह तक कोई सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ नहीं दिख रहा है। सबसे पहले होली (4 मार्च) के आसपास कोई सिस्टम आ सकता है, वह भी मुख्य रूप से पहाड़ों को प्रभावित करेगा। निचले स्तर की हवाएं मजबूत और शुष्क होंगी, जो प्री-मॉनसून के आगमन का संकेत हैं। यानी सर्दी से राहत इस बार सामान्य से पहले मिल सकती है और पूरे उत्तर भारत में जल्द ही डबल डिजिट न्यूनतम तापमान सामान्य बन जाएगा।
यह भी पढ़ें: बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव हुआ कमजोर, बारिश का दायरा घटा, अगले 72 घंटे कैसे रहेंगे मौसम के हाल?







