उत्तरी पहाड़ों में हफ्तेभर मौसम सक्रिय, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-ओलावृष्टि का खतरा

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Mar 13, 2026, 2:45 PM
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मार्च महीने में अब तक उत्तरी पर्वतीय राज्य हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में मौसम लगभग सूखा बना हुआ है। फरवरी में हुई बारिश और बर्फबारी की बड़ी कमी का असर मार्च के शुरुआती दिनों यानी अभी तक बना हुआ है। हिमालयी राज्यों में प्री-मानसून सीजन के दौरान 90% से अधिक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। हालात ऐसे रहे कि कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थिति भी देखने को मिली। हालांकि अब यह सूखे मौसम का दौर जल्द खत्म होने वाला है और प्री-मानसून की सामान्य गतिविधियाँ जल्द ही पूरे क्षेत्र में सक्रिय होने की संभावना है।

मैदान और पहाड़ दोनों में बढ़ेगी मौसम गतिविधि

स्काईमेट के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कल 14 मार्च तक इस क्षेत्र में पहुंच जाएगा। इसके साथ राजस्थान के आसपास बनने वाले चक्रवाती परिसंचरण के कारण मैदानों और पहाड़ी इलाकों में एक साथ मौसम सक्रिय होगा। पहाड़ी राज्यों में इसका प्रभाव ज्यादा रहेगा, खासकर निचले और मध्य पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं। लगातार आने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण लगभग एक सप्ताह तक मौसम गतिविधियाँ जारी रहने की संभावना है। इसके बाद थोड़े समय का विराम मिल सकता है, लेकिन मार्च के चौथे सप्ताह तक फिर से एक नया दौर शुरू हो सकता है।

हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि व तेज तूफान के आसार

पर्वतीय राज्यों में हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक मौसम गतिविधि देखने को मिल सकती है, जहां बारिश का फैलाव और तीव्रता दोनों ज्यादा रहने के आसार हैं। ऊपरी वायुमंडलीय परिस्थितियां कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना भी बना रही हैं, जो इस सप्ताहांत से अगले सप्ताहांत तक जारी रह सकती है। 14 मार्च से हिमाचल प्रदेश में मौसम गतिविधि शुरू होगी, जो 15 से 17 मार्च के बीच और अधिक तेज और व्यापक हो जाएगी। 18 मार्च के बाद जब हिमाचल में गतिविधियाँ कमजोर पड़ेंगी, तब उत्तराखंड में मौसम सक्रिय होगा। यहां 17 से 20 मार्च के बीच पहाड़ों की तराई और निचले इलाकों में तेज गरज-चमक और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है। इसके बाद 21 और 22 मार्च को दो दिन का छोटा विराम मिलेगा, लेकिन फिर जम्मू-कश्मीर से शुरू होकर पहाड़ों में एक और दौर की मौसम गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

14 मार्च से पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हिमालयी राज्यों में बारिश और गरज-चमक शुरू हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में 15 से 17 मार्च के बीच ओलावृष्टि हो सकती है।

हां, यह बारिश और गरज-चमक पहाड़ी राज्यों में प्री-मानसून मौसम गतिविधियों की शुरुआत मानी जा रही है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है