उत्तर भारत में प्री-मानसून की शरुआत, राजस्थान-पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में धूलभरी आँधी और ओलावृष्टि के आसार

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Mar 13, 2026, 6:00 PM
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मुख्य मौसम बिंदु

  • उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज।
  • 14 मार्च से उत्तर राजस्थान में प्री-मानसून गतिविधि की शुरुआत संभव।
  • 15 मार्च को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में आंधी व गरज-चमक के आसार।
  • 16 से 22 मार्च के बीच मौसम गतिविधियों के और तेज होने की संभावना।

उत्तरी भारत के मैदानी हिस्सों में इस बार मौसम की शुरुआत में ही तेज गर्मी महसूस की जा रही है। राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में तापमान 40°C के पार पहुंच गया है और अन्य कई क्षेत्रों में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली जैसे राज्यों में दिन का तापमान मध्य 30°C के आसपास बना हुआ है।

दिल्ली में 15 साल का रिकॉर्ड टूटा

दिल्ली में 11 मार्च को तापमान लगभग 37°C तक पहुंच गया, जो मार्च के पहले पखवाड़े में पिछले 15 वर्षों का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। लंबे समय तक सूखा मौसम रहने के कारण गर्मी लगातार बढ़ती रही। आमतौर पर ऐसी स्थिति के बाद गरज-चमक और धूलभरी आंधी जैसी गतिविधियां शुरू होती हैं, जो मौसम का संतुलन बनाने का काम करती हैं।

जल्द शुरू होगी प्री-मानसून गतिविधि

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्री-मानसून मौसम गतिविधि का पहला दौर जल्द शुरू होने वाला है। इसकी शुरुआत 14 मार्च से उत्तर राजस्थान में होगी और इसके बाद 15 मार्च 2026 को पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के बड़े हिस्सों में फैल सकती है। अगले सप्ताह के दौरान ऐसी गतिविधियां और बढ़ेंगी, जबकि 20 से 23 मार्च के बीच इनकी तीव्रता और विस्तार ज्यादा देखने को मिल सकता है।

आंँधी, ओले और बिजली गिरने का खतरा

प्री-मानसून मौसम के दौरान कई बार धूलभरी आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि, बिजली गिरना और तेज हवाएं जैसी खतरनाक परिस्थितियां भी बन जाती हैं। इन गतिविधियों के बाद अक्सर हल्की बारिश होती है, जिससे धूल बैठ जाती है और मौसम में राहत मिलती है। हालांकि बिजली गिरना, ओलावृष्टि और तेज हवाएं नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। मौसम का पहला दौर अक्सर तीव्रता, फैलाव और अवधि के मामले में अचानक और भ्रामक साबित होता है।

इन शहरों में ज्यादा असर, गर्मी से मिलेगी राहत

राजस्थान में गंगानगर, अनूपगढ़, हनुमानगढ़, सूरतगढ़, महाजन, पदमपुर और चूरू जैसे क्षेत्रों में मौसम गतिविधि का ज्यादा असर हो सकता है, जबकि दक्षिणी जिलों में इसका प्रभाव कम रहने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा के पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, पटियाला, रूपनगर, चंडीगढ़, अंबाला, करनाल, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र, पानीपत और सोनीपत जैसे शहरों में भी खराब मौसम की आशंका है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में 15 मार्च की शाम और रात के समय आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। यह पहला दौर शायद केवल एक दिन चले, लेकिन 16 से 22 मार्च के बीच फिर से ज्यादा मजबूत गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जिससे मार्च के दूसरे हिस्से में उत्तरी मैदानी इलाकों को बढ़ती गर्मी से राहत मिल सकती है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

14 मार्च से उत्तर राजस्थान में और 15 मार्च को पंजाब, हरियाणा व दिल्ली में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है।

हां, गरज-चमक और हल्की बारिश के बाद तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।

मानसून आने से पहले होने वाली आंधी, गरज-चमक, ओलावृष्टि और बारिश जैसी मौसम घटनाओं को प्री-मानसून गतिविधि कहा जाता है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है