Pre Monsoon Rain: देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून वर्षा सामान्य से अधिक, जानें किन राज्यों में ज्यादा असर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Apr 9, 2026, 1:45 PM
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देश में सामान्य से ज्यादा प्री-मानसून बारिश, फोटो: AI generated

मु्ख्य मौसम बिंदु

  • देशभर में 1 मार्च से 8 अप्रैल तक 27% अधिक बारिश
  • मार्च के दूसरे हिस्से और अप्रैल की शुरुआत में अच्छी वर्षा
  • कोंकण और विदर्भ में भारी बारिश की कमी
  • अप्रैल के दूसरे भाग में गर्मी बढ़ेगी, बारिश घटेगी

प्री-मानसून बारिश का मौसम 1 मार्च से 31 मई तक माना जाता है, जिसके बाद चार महीने का दक्षिण-पश्चिम मानसून शुरू होता है, जो सबसे पहले दक्षिण भारत में पहुंचता है। इस साल सर्दियों की बारिश में करीब 60% की भारी कमी रही, जिसका असर मार्च के पहले पखवाड़े तक भी देखने को मिला। पूर्वोत्तर भारत को छोड़कर बाकी सभी क्षेत्रों में बारिश की कमी रही। 1 से 15 मार्च के बीच देशभर में 30% कम बारिश दर्ज की गई, लेकिन मार्च के दूसरे हिस्से में स्थिति सुधरी और पूरे महीने में 13% अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई।

अप्रैल की शुरुआत में बारिश ने पकड़ी रफ्तार

मार्च के आखिर और अप्रैल की शुरुआत में देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिली। 26 मार्च से 1 अप्रैल के बीच चारों प्रमुख क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई और पूरे देश में 25% अधिक वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद 2 से 8 अप्रैल के बीच बारिश और तेज हुई, जिसमें 76% अधिक बारिश दर्ज हुई। 1 मार्च से 8 अप्रैल तक पूरे देश में कुल मिलाकर 27% अधिक बारिश हो चुकी है।

किन राज्यों में ज्यादा और कहां कमी

पूर्वोत्तर, पूर्वी भारत और उत्तर-पश्चिम भारत के लगभग सभी राज्यों में सामान्य से ज्यादा या काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। हालांकि अरुणाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश सामान्य रही। मध्य भारत में भी इस अवधि के दौरान 57% अधिक बारिश हुई। वहीं महाराष्ट्र के कोंकण और विदर्भ क्षेत्र में क्रमशः 80% और 45% की कमी रही। मुंबई और गोवा में अब तक प्री-मानसून की बारिश नहीं हुई, जो सामान्य बात है क्योंकि मार्च और अप्रैल वहां के सबसे कम बारिश वाले महीने होते हैं।

अप्रैल के दूसरे हिस्से में बदलेगा मौसम

अप्रैल के दूसरे आधे हिस्से में देशभर में बारिश की गतिविधियाँ कम होने की संभावना है। हालांकि उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों और पूर्वोत्तर भारत में प्री-मानसून बारिश जारी रह सकती है। बाकी हिस्सों, खासकर मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम शुष्क रहेगा। तापमान बढ़ने लगेगा और गर्मी का असर तेज होगा। बढ़ती गर्मी के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में आँधी और धूल भरी आँधी (डस्ट स्टॉर्म) चलने की संभावना है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

1 मार्च से 31 मई तक प्री-मानसून सीजन रहता है।

पूर्वोत्तर, पूर्वी और उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई।

अप्रैल के दूसरे हिस्से में बारिश कम होगी और तापमान बढ़ेगा, जिससे गर्मी और आँधी की संभावना बढ़ेगी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है