बेंगलुरु में प्री-मानसून बारिश तेज, कई इलाकों में भारी बरसात के आसार
मुख्य मौसम बिंदु
- बेंगलुरु में एक सप्ताह से मौसम शुष्क, गर्मी में बढ़ोतरी
- 15 से 17 मई के बीच मध्यम से भारी बारिश की संभावना
- बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर से प्री-मानसून गतिविधियाँ तेज
- देर शाम गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश संभव
बेंगलुरु में पिछले लगभग एक सप्ताह से मौसम अधिकतर शुष्क बना हुआ है। पिछले सप्ताहांत शहर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन इससे गर्मी से कोई खास राहत नहीं मिली। इससे पहले अप्रैल के आखिरी दिन बेंगलुरु में 24 घंटे के भीतर 111 मिमी मूसलाधार बारिश दर्ज की गई थी। मई महीने के पहले 13 दिनों में शहर के मुख्य वेधशाला क्षेत्र में 31 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है, जबकि HAL वेधशाला में केवल 8.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। यह आंकड़ा मई के सामान्य मासिक औसत 110.4 मिमी से काफी कम है। अब मौसम विभाग के अनुसार 15 से 17 मई 2026 के बीच बेंगलुरु और आसपास के इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं कल भी शहर के कुछ हिस्सों में हल्की और थोड़े समय की बारिश हो सकती है।
सिस्टम और हवाओं के टकराव से बनेगा बारिश का माहौल
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी पर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब और मजबूत हो रहा है तथा तट से दूर उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस सिस्टम के बाहरी प्रभाव के कारण दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में उत्तर-पूर्वी हवाएं चल रही हैं। दूसरी ओर केरल और तटीय कर्नाटक में उत्तर दिशा से हवाएं बह रही हैं। इन दोनों अलग-अलग दिशा की हवाओं के बीच कर्नाटक के मध्य भाग, रायलसीमा और तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों में एक ‘विंड डिसकॉन्टिन्युटी’ यानी पवन असंतुलन की स्थिति बन रही है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़, विदर्भ और तेलंगाना से गुजरने वाली मौसमी उत्तर-दक्षिण ट्रफ दक्षिण भारत के अंदरूनी हिस्सों तक फैल रही है, जिससे मौसम गतिविधियां बढ़ने लगी हैं।
देर दोपहर और शाम में बढ़ेंगी प्री-मानसून गतिविधियाँ
जैसे-जैसे बंगाल की खाड़ी वाला सिस्टम तट से दूर जाएगा, यह विंड डिसकॉन्टिन्युटी और ट्रफ आगे-पीछे खिसकती रहेगी। तटीय इलाकों से आने वाली हवाओं के आपसी टकराव के कारण दक्षिण भारत, खासकर दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और बेंगलुरु में प्री-मानसून बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। अधिकांश मौसम गतिविधियां देर दोपहर और शाम के समय देखने को मिलेंगी। कुछ इलाकों में गरज वाले बादल, तेज हवाएं और भारी बारिश भी हो सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले सप्ताह की शुरुआत तक मौसम में काफी हद तक सुधार देखने को मिल सकता है।
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