केरल पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, लेकिन देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ने की रफ्तार पर संशय

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jun 5, 2026, 2:08 PM
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मानसून 2026 अपडेट, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • 4 जून को केरल और दक्षिण तमिलनाडु में मानसून की एंट्री हुई।
  • मुंबई में मानसून सामान्य समय के आसपास पहुंचने की संभावना।
  • मध्य और पूर्वी भारत में मानसून की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
  • कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में जून में कम बारिश।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल में दस्तक दे दी और इसके साथ ही तमिलनाडु के दक्षिणी हिस्सों को भी कवर कर लिया। हालांकि मानसून अपने तय समय से करीब तीन दिन देर से पहुंचा, लेकिन मौसम विज्ञान के अनुसार इसे सामान्य और समय पर आगमन ही माना जाएगा। आमतौर पर केरल में मानसून की एंट्री की तारीख में लगभग एक सप्ताह का अंतर सामान्य माना जाता है, इसलिए यह देरी चिंता का विषय नहीं है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आने की तारीख का उसके आगे बढ़ने की गति या पूरे सीजन की बारिश से सीधा संबंध नहीं होता। यानी मानसून थोड़ा जल्दी या देर से पहुंचे, इससे पूरे सीजन की बारिश तय नहीं होती।

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अरब सागर शाखा से हुई एंट्री, मजबूत सिस्टम की नहीं थी मौजूदगी

केरल में मानसून की एंट्री मुख्य रूप से अरब सागर शाखा के प्रभाव से होती है। इससे पहले 16 मई को मानसून अंडमान सागर तक पहुंचा था, जो बंगाल की खाड़ी शाखा के कारण हुआ था। इस बार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों में कोई बड़ा मौसमी सिस्टम मौजूद नहीं था, जो मानसूनी हवाओं को तेजी से आगे बढ़ा सके।

इसके बावजूद भूमध्य रेखा के पार चलने वाली हवाओं में हल्की तेजी और दक्षिण-पूर्व अरब सागर, केरल तथा लक्षद्वीप के पास बने कमजोर सर्कुलेशन की वजह से मानसून केरल तक पहुंच सका। यानी इस बार मानसून किसी बड़े तूफानी सिस्टम के सहारे नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक ऊर्जा के दम पर आगे बढ़ा है।

पश्चिमी तट पर तेजी से बढ़ेगा मानसून, मुंबई में समय पर दस्तक की उम्मीद

मौसम गतिविधियों को देखते हुए अनुमान है कि मानसून अब पश्चिमी तट पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में यह तटीय कर्नाटक, गोवा और कोंकण क्षेत्र के दक्षिणी हिस्सों तक पहुंच जाएगा। मुंबई में भी मानसून सामान्य समय के आसपास पहुंचने की संभावना है।

आमतौर पर मुंबई में मानसून 11 जून तक पहुंचता है और इस बार भी लगभग इसी अवधि में दस्तक देने की उम्मीद है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में पहले से अच्छी बारिश जारी है और वहां मानसून के जल्द आधिकारिक रूप से पहुंचने की घोषणा हो सकती है। हालांकि प्रायद्वीपीय भारत के अंदरूनी हिस्सों और मध्य भारत में मानसून की प्रगति थोड़ी धीमी पड़ सकती है।

बंगाल की खाड़ी में सिस्टम नहीं बनने से मध्य और पूर्वी भारत पर असर

मध्य और पूर्वी भारत में मानसून को आगे बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में किसी मजबूत मौसमी सिस्टम का बनना बेहद जरूरी माना जाता है। सामान्य परिस्थितियों में 15 जून तक मानसून कोंकण, महाराष्ट्र के अंदरूनी भागों, दक्षिण छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और आगे बिहार-झारखंड तक पहुंच जाता है। लेकिन फिलहाल ऐसे संकेत नहीं मिल रहे हैं कि इन इलाकों में मानसून सामान्य रफ्तार से आगे बढ़ पाएगा।

कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में जून के पहले पखवाड़े में सामान्य से कम बारिश का खतरा बना हुआ है। अगले 4 से 5 दिनों तक इन राज्यों में मौसम की गतिविधियां मानसून जैसी कम और प्री-मानसून जैसी ज्यादा नजर आ सकती हैं। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून अभी शुरुआती चरण में है और इसमें पर्याप्त ऊर्जा मौजूद है, जिससे आगे चलकर बारिश की गतिविधियां मजबूत हो सकती हैं।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

हाँ, मानसून 4 जून को केरल पहुंचा। हालांकि यह तीन दिन देरी से आया, लेकिन इसे सामान्य माना जा रहा है।

मौसम संकेतों के अनुसार मुंबई में मानसून 11 जून के आसपास, यानी सामान्य समय पर पहुंच सकता है।

कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में जून के पहले पखवाड़े में सामान्य से कम बारिश की आशंका है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है