गर्मी पर ब्रेक, देश के में प्री-मानसून एक्टिव, मार्च में हीटवेव की संभावना नहीं
मुख्य मौसम बिंदु
- मार्च की शुरुआत में कई राज्यों में हीटवेव का असर
- अब प्री-मानसून गतिविधियों से तापमान में गिरावट
- पहाड़ों में बेमौसम बर्फबारी, पर्यटक प्रभावित
- कई राज्यों में अगले दिनों में बारिश और गरज-चमक
मार्च के पहले पखवाड़े में देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ गई थी। गुजरात, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों और ओडिशा में हीटवेव जैसी स्थिति बन गई थी। खासतौर पर मुंबई जैसे तटीय शहर में भी इस बार असामान्य रूप से दो बार लू चली, जो सामान्य नहीं होता। तापमान तय समय से पहले ही 40°C के पार पहुंच गया था। हालांकि अब देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम ने करवट ली है और हालात पहले से बेहतर हो गए हैं।
पहाड़ों में बर्फबारी से बदला नजारा, पर्यटक फंसे
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मिड-रीच (मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों) में इस बार बेमौसम बर्फबारी देखने को मिली। जहां सर्दियों में सूखा और बंजर नजारा था, वहां अब बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने कई पर्यटकों को मुश्किल में डाल दिया, खासकर हिमाचल प्रदेश में, जहां कई लोग बिना पर्याप्त इंतजाम के फंस गए। आने वाले एक हफ्ते तक पहाड़ों में इसी तरह की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
प्री-मानसून गतिविधियों से थमी गर्मी, तापमान रहेगा नियंत्रित
देश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो गई हैं, जिससे बढ़ती गर्मी पर ब्रेक लग गया है। अब किसी भी राज्य में तापमान के अचानक तेज बढ़ने की संभावना नहीं है। इसके उलट, अगले 3-4 दिनों तक अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी और उसके बाद यह स्थिर बना रहेगा। मार्च के बाकी दिनों में किसी बड़े या खतरनाक मौसम (Inclement Weather) की संभावना नहीं जताई गई है।
अगले दिनों में इन राज्यों में बढ़ेगी मौसम की हलचल
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में अगले एक हफ्ते तक पश्चिमी विक्षोभ का असर बना रहेगा, जिससे लगातार मौसम खराब रहेगा। वहीं पूर्वोत्तर भारत भी इसी तरह की गतिविधियों की चपेट में रहेगा, जहां अगले 5-7 दिनों में तेज मौसम देखने को मिल सकता है। खासतौर पर लोअर असम, मेघालय, सिक्किम और सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल में ज्यादा खतरा रहेगा।
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 18 से 20 मार्च के बीच व्यापक मौसम गतिविधियां होंगी। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के आसपास के इलाकों में प्री-मानसून गरज-चमक के साथ बारिश होगी, जिससे विदर्भ जैसे क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिलेगी। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 21-22 मार्च के बीच आंधी-बारिश का पहला दौर शुरू होगा।
दक्षिण भारत के आंतरिक हिस्सों में 18 से 21 मार्च के बीच प्री-मानसून सर्कुलेशन और उत्तर-दक्षिण पवन असंतुलन के कारण मौसम सक्रिय रहेगा। वहीं गुजरात में मौसम गतिविधियां कम रहेंगी, लेकिन फिर भी अगले एक हफ्ते तक वहां भी भीषण गर्मी से राहत बनी रहेगी।
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