Rain Alert: देशभर में तेज प्री-मानसून एक्टिविटी, बारिश-आँधी का खतरा, जानें किन राज्यों में होगा असर

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Apr 2, 2026, 7:13 PM
WhatsApp icon
thumbnail image

देश भर में प्री-मानसून गतिविधियाँ, सैटेलाइट इमेज

मुख्य मौसम बिंदु

  • 2 से 9 अप्रैल तक देशभर में सक्रिय रहेगा मौसम
  • कई राज्यों में बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की संभावना
  • तापमान में गिरावट, हीटवेव से राहत
  • 9 अप्रैल के बाद ज्यादातर जगह मौसम साफ होगा

देश के कई हिस्सों में कई मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय हो रहे हैं, जिससे प्री-मानसून मौसम गतिविधियाँ लंबे समय तक चल सकती हैं। यह गतिविधियाँ सभी जगह एक साथ नहीं होंगी, बल्कि उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के बीच घूमती रहेंगी। इस लंबे मौसम के बदलाव के कारण अप्रैल के पहले पखवाड़े में गर्मी का असर कम रहेगा।

प्री-मानसून गतिविधियाँ, सैटेलाइट इमेज

प्री-मानसून गतिविधियाँ, सैटेलाइट इमेज

दो पश्चिमी विक्षोभ और बादलों की लंबी पट्टी

2 से 8 अप्रैल के बीच दो पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत से गुजरेंगे। इनके साथ बने सिस्टम मैदानों तक पहुँचकर पूरे इंडो-गंगेटिक क्षेत्र को प्रभावित करेंगे। उत्तर अफगानिस्तान से लेकर उत्तर-पूर्व अरब सागर तक फैली बादलों की लंबी पट्टी मौसम गतिविधियों को और बढ़ाएगी।

पूरे देश में प्री-मानसून आँधी-बारिश, फोटो: Skymet Live Page

पूरे देश में प्री-मानसून आँधी-बारिश, फोटो: Skymet Live Page

उत्तर भारत में दो चरणों में बारिश और आँधी

पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में 3-5 अप्रैल और फिर 7-8 अप्रैल के बीच दो चरणों में मौसम सक्रिय रहेगा। शुरुआती दो दिनों में पंजाब, हरियाणा, उत्तर व मध्य राजस्थान, दिल्ली और उत्तर मध्य प्रदेश में अच्छी बारिश और गरज-चमक होगी। 5 अप्रैल को यह गतिविधि कम होकर केवल पंजाब-हरियाणा के उत्तरी हिस्सों और दिल्ली के बाहरी क्षेत्रों तक सीमित रह जाएगी, जबकि राजस्थान और उत्तर मध्य प्रदेश से हट जाएगी।

फिर लौटेगा मौसम, ओलावृष्टि का खतरा

7 और 8 अप्रैल को मौसम फिर से सक्रिय होकर इन सभी क्षेत्रों में लौटेगा और दक्षिण व पश्चिम राजस्थान तक फैल जाएगा। 3 से 8 अप्रैल के बीच कई जगहों पर ओलावृष्टि होने की भी संभावना है, जिससे फसलों और जनजीवन पर असर पड़ सकता है।

मध्य और पूर्वी भारत में बढ़ेगी गतिविधि

पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड, बिहार और आंध्र प्रदेश में 6 से 8 अप्रैल के बीच मौसम सक्रिय रहेगा। 6 और 7 अप्रैल को उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा में तेज आँधी और ओलावृष्टि का खतरा रहेगा।

पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत का हाल

पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत में 7 से 9 अप्रैल के बीच बारिश और गरज-चमक होगी। मेघालय और त्रिपुरा में 10-11 अप्रैल को भी तेज बारिश जारी रह सकती है। 2 से 5 अप्रैल के बीच महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों खासकर विदर्भ और मराठवाड़ा में छिटपुट बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। मुंबई में हल्की बारिश की संभावना है। वहीं, 3 अप्रैल के बाद गुजरात और कर्नाटक में मौसम ज्यादातर साफ रहेगा।

दक्षिण भारत में असर, 9 अप्रैल के बाद राहत

दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु में 6 से 8 अप्रैल के बीच प्री-मानसून बारिश होगी। 9-10 अप्रैल को यह गतिविधि कम हो जाएगी, लेकिन केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में फैल सकती है। 9 अप्रैल के बाद देश के ज्यादातर हिस्सों में मौसम साफ होने लगेगा, केवल पूर्वोत्तर और दक्षिणी प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों में गतिविधि जारी रहेगी। इस पूरे दौर में अप्रैल के पहले आधे हिस्से में हीटवेव का असर नहीं दिखेगा।

author image
AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

2 से 9 अप्रैल के बीच अलग-अलग हिस्सों में बारिश और आँधी जारी रहेगी।

उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत में मौसम गतिविधियां ज्यादा रहेंगी।

हां, इस दौरान तापमान गिरेगा और हीटवेव से राहत मिलेगी।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है