सूखे से जूझते महाराष्ट्र के लिए राहत की बारिश, 30 मार्च से बदलेगा मौसम

By: Mahesh Palawat | Edited By: Mohini Sharma
Mar 27, 2026, 1:48 PM
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महाराष्ट्र को सूखे मौसम से राहत

मुख्य मौसम बिंदु

  • मार्च में महाराष्ट्र में 73% तक बारिश की भारी कमी दर्ज
  • 30 मार्च से मौसम में बदलाव और हल्की बारिश की शुरुआत
  • 31 मार्च से 2-3 अप्रैल तक अच्छी बारिश की संभावना
  • किसानों और जल संसाधनों को मिलेगा राहत

महाराष्ट्र में मार्च के महीने में बारिश की भारी कमी देखी गई है, जिससे किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। 1 से 26 मार्च के बीच महाराष्ट्र में लगभग 73% कम बारिश दर्ज की गई। सबसे खराब स्थिति कोंकण और गोवा में रही, जहां लगभग 99% की कमी रही और लगभग सूखा जैसे हालात बने रहे। वहीं, विदर्भ में भी करीब 94% की भारी कमी दर्ज की गई। साथ ही मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में क्रमशः 47% और 41% कम बारिश हुई थी। इस लंबे सूखे दौर ने खेती और पानी की उपलब्धता पर असर डाला है।

29 मार्च तक मौसम रहेगा शुष्क, फिर बदलेगा मिजाज

फिलहाल महाराष्ट्र में शुष्क और गर्म मौसम बना रहेगा और 29 मार्च तक आसमान साफ रहने की संभावना है। लेकिन 30 मार्च से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मौसम प्रणालियों में बदलाव के तहत उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश से मराठवाड़ा तक एक ट्रफ बनने की संभावना है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक एक और ट्रफ विकसित हो सकती है। ये सिस्टम नमी और अस्थिरता बढ़ाएंगे, जिससे बारिश की शुरुआत होगी। 30 मार्च से विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश शुरू हो सकती है, हालांकि कोंकण और गोवा में इस दौरान मौसम अभी भी ज्यादातर सूखा रह सकता है।

31 मार्च से बढ़ेगी बारिश

31 मार्च से बारिश की गतिविधियाँ धीरे-धीरे बढ़ेंगी और 2 या 3 अप्रैल तक जारी रह सकती हैं। इस दौरान महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट होगी और गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही, कोंकण और गोवा में भी इस दौरान बारिश होन की संभावना है, खासकर सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगढ़ और महाबलेश्वर के पहाड़ी इलाकों में।

वहीं, अप्रैल के पहले सप्ताह के अंत तक महाराष्ट्र में बारिश की कमी काफी हद तक कम हो सकती है। इससे किसानों को राहत मिलेगी, मिट्टी में नमी बढ़ेगी और जलाशयों में पानी का स्तर सुधरेगा, जो खेती और पानी की जरूरतों के लिए फायदेमंद साबित होगा। कुल मिलाकर, लंबे सूखे के बाद अब मौसम में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जो महाराष्ट्र के लिए राहत और स्थिरता लेकर आएंगे।

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Mahesh Palawat
Vice President of Meteorology & Climate Change
Mr. Palawat, Vice President of Meteorology & Climate Change, is a former Air Force boxer and a passionate weather enthusiast. Dedicated to tracking and predicting weather for the benefit of farmers and the general public, he has been an integral part of Skymet since its inception.
FAQ

30 मार्च से हल्की बारिश शुरू होगी और 31 मार्च से तेज हो सकती है।

हां, इससे मिट्टी में नमी बढ़ेगी और खेती के लिए राहत मिलेगी।

महाराष्ट्र के विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में ज्यादा बारिश की संभावना है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है