बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ लो प्रेशर, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट

By: AVM GP Sharma | Edited By: Mohini Sharma
Jul 16, 2026, 5:05 PM
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उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों पर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब सुस्पष्ट कम दबाव (Well Marked Low Pressure Area) में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण लगभग 25,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अंदरूनी हिस्सों पर अधिक प्रभाव डालेगा। हालांकि, ऊपरी वायुमंडल में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इसकी गति धीमी रहेगी और यह 22 जुलाई तक लगभग इसी क्षेत्र में स्थिर बना रहेगा। इसके बाद यह कमजोर होते हुए पश्चिम की ओर मध्य भारत की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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16 से 22 जुलाई तक इन राज्यों में बढ़ेगी बारिश

16 और 17 जुलाई को ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसका कुछ असर पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी देखने को मिलेगा। 18 और 19 जुलाई को बारिश का दायरा बढ़कर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंच जाएगा। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद जब यह सिस्टम और अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ेगा, तब मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अधिक हिस्सों तक भी बारिश का विस्तार हो सकता है।

बारिश की कमी वाले राज्यों को मिलेगी राहत

इस समय बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूरे पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। अच्छी बात यह है कि इस मजबूत कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले एक सप्ताह के दौरान इन सभी क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इससे कई इलाकों में वर्षा की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है और कुछ स्थान सामान्य श्रेणी में भी लौट सकते हैं।

हालांकि, देश के अधिकांश अन्य हिस्सों के लिए राहत की खबर नहीं है। महाराष्ट्र के मुख्य मानसूनी क्षेत्र, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में अगले कई दिनों तक अच्छी मानसूनी बारिश की संभावना कम रहेगी। वहीं दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 10 दिनों तक बारिश का वितरण कमजोर रहने का अनुमान है।

देश में फिर बढ़ा बारिश का घाटा, जुलाई का अतिरिक्त कोटा भी हुआ खत्म

पिछले लगभग एक सप्ताह से देश के बड़े हिस्से में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इसी कारण 9 जुलाई को जहां देशभर में बारिश की कमी घटकर 14% रह गई थी, वहीं अब यह बढ़कर 24% हो गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में देश में सामान्य से लगभग 50% अधिक बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने से यह अतिरिक्त वर्षा समाप्त हो गई। अब जुलाई महीने में भी लगभग 5% बारिश की कमी दर्ज की जा रही है और यह घाटा कुछ और बढ़ सकता है। हालांकि, जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसून की गतिविधियों और बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थिति में सुधार आ सकता है।

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AVM GP Sharma
President of Meteorology & Climate Change
AVM Sharma, President of Meteorology & Climate Change at Skymet Weather Services, is a retired Indian Air Force officer who previously led the Meteorological Branch at Air Headquarters in New Delhi. With over a decade of experience at Skymet, he brings a wealth of knowledge and expertise to the organization.
FAQ

ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में इसका सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा।

नहीं, अगले कुछ दिनों तक मुख्य रूप से पूर्वी और मध्य भारत में बारिश अधिक रहेगी, जबकि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश कम रहने की संभावना है।

पिछले एक सप्ताह में अधिकांश राज्यों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई, जिससे 9 जुलाई को 14% तक घटा वर्षा घाटा बढ़कर अब 24% हो गया है।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी स्काइमेट की पूर्वानुमान टीम द्वारा किए गए मौसम और जलवायु विश्लेषण पर आधारित है। हम वैज्ञानिक रूप से सही जानकारी देने का प्रयास करते हैं, लेकिन बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण मौसम में बदलाव संभव है। यह केवल सूचना के लिए है, इसे पूरी तरह निश्चित भविष्यवाणी न मानें।

Skymet भारत की सबसे बेहतर और सटीक निजी मौसम पूर्वानुमान और जलवायु इंटेलिजेंस कंपनी है, जो देशभर में विश्वसनीय मौसम डेटा, मानसून अपडेट और कृषि जोखिम प्रबंधन समाधान प्रदान करती है