बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ लो प्रेशर, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों पर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब सुस्पष्ट कम दबाव (Well Marked Low Pressure Area) में बदल गया है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण लगभग 25,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है। अगले 24 घंटों में यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए ओडिशा और पश्चिम बंगाल के अंदरूनी हिस्सों पर अधिक प्रभाव डालेगा। हालांकि, ऊपरी वायुमंडल में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण इसकी गति धीमी रहेगी और यह 22 जुलाई तक लगभग इसी क्षेत्र में स्थिर बना रहेगा। इसके बाद यह कमजोर होते हुए पश्चिम की ओर मध्य भारत की दिशा में आगे बढ़ेगा।

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16 से 22 जुलाई तक इन राज्यों में बढ़ेगी बारिश
16 और 17 जुलाई को ओडिशा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश की संभावना है। इसका कुछ असर पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी देखने को मिलेगा। 18 और 19 जुलाई को बारिश का दायरा बढ़कर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंच जाएगा। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच लंबे समय से बारिश की कमी झेल रहे पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। इसके बाद जब यह सिस्टम और अंदरूनी इलाकों की ओर बढ़ेगा, तब मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के अधिक हिस्सों तक भी बारिश का विस्तार हो सकता है।
बारिश की कमी वाले राज्यों को मिलेगी राहत
इस समय बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ और पूरे पूर्वोत्तर भारत में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। अच्छी बात यह है कि इस मजबूत कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले एक सप्ताह के दौरान इन सभी क्षेत्रों में अलग-अलग समय पर मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इससे कई इलाकों में वर्षा की कमी कुछ हद तक कम हो सकती है और कुछ स्थान सामान्य श्रेणी में भी लौट सकते हैं।
हालांकि, देश के अधिकांश अन्य हिस्सों के लिए राहत की खबर नहीं है। महाराष्ट्र के मुख्य मानसूनी क्षेत्र, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान में अगले कई दिनों तक अच्छी मानसूनी बारिश की संभावना कम रहेगी। वहीं दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में अगले 10 दिनों तक बारिश का वितरण कमजोर रहने का अनुमान है।
देश में फिर बढ़ा बारिश का घाटा, जुलाई का अतिरिक्त कोटा भी हुआ खत्म
पिछले लगभग एक सप्ताह से देश के बड़े हिस्से में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इसी कारण 9 जुलाई को जहां देशभर में बारिश की कमी घटकर 14% रह गई थी, वहीं अब यह बढ़कर 24% हो गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में देश में सामान्य से लगभग 50% अधिक बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने से यह अतिरिक्त वर्षा समाप्त हो गई। अब जुलाई महीने में भी लगभग 5% बारिश की कमी दर्ज की जा रही है और यह घाटा कुछ और बढ़ सकता है। हालांकि, जुलाई के अंतिम सप्ताह में मानसून की गतिविधियों और बारिश की तीव्रता बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थिति में सुधार आ सकता है।
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